कुछ समझ नहीं आता...


तेरा ये करीब आना... आके फिर दूर चले जाना...कुछ समझ नहीं आता

तेरा ये हसना... हस्ते हस्ते फिर रो जाना...कुछ समझ नहीं आता

तेरा ये इस कदर क़द्र करना... और फिर बेकदर हो जाना... कुछ समझ नहीं आता

हर बात पर रुख करना... फिर बेरुखी पर उतर आना... कुछ समझ नहीं आता

तेरा ये प्यार से छूना... फिर छूने को तरसा देना... कुछ समझ नहीं आता

तेरा ये प्यार करना.. और फिर उसका मलाल करना... कुछ समझ नहीं आता

चाहती है मुझे या फिर सिर्फ मेरी ही चाह है तू... कुछ समझ नहीं आता

तेरा ये करीब आना... आके फिर दूर चले जाना...कुछ समझ नहीं आता

                             -: मनु शर्मा

Comments

  1. बहुत ही अच्छा।

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  2. thank you everyone with all my heart...a sincere request to all that pls login to ur gmail account before commenting so ur name could be visible 😇😇

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  3. यह आप किस संदर्भ में कहना चाह रहे हैं?
    –आपका अनुज "मनु शर्मा"

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  4. आपका ये अथक प्रयास सार्थक एवं अनुकरणीय है।
    मनु भाई.

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