आज फिर रात भर सोया नहीं मैं

that sleepless night like uncountable ones...


आज फिर रात भर सोया नहीं मैं 

आज फिर रात भर उसको याद किया 


तकिये तले थी तस्वीर जो 

निकाला, देखा फिर जाम लिया 


खँगाला नंबर फोन में उसका 

और होगा बिज़ी ये मान लिया 


ढूँढी दियासलाई मैंने... अधजली उस सिगरेट को ख़ाक किया 

था जो गुबार गम का दिल में... सुर्ख अश्कों में होठों से बहाल किया 


देखा जो उगता सूरज हमने 

हो चला बखत सोने का ये जान लिया 


आज फिर रात भर सोया नहीं मैं 

आज फिर रात भर उसको याद किया 


-: मनु शर्मा 

insta :  manu96sharma

Comments

Popular posts from this blog

kab milogi mujhse...

वक़्त-वक़्त की बात है...