Posts

वक़्त-वक़्त की बात है...

Image
  when you remind her after breakup... " वक़्त-वक़्त की बात है   सब वक़्त-वक़्त की बात है   कभी दिन भी था... पर आज सिर्फ रात है    वक़्त वक़्त की बात है   कभी था साथ उसका... पर आज साथ सिर्फ जज़्बात है   वक़्त वक़्त की बात है   सब वक़्त वक़्त की बात है   कभी होता था दिन शुरु देख कर के उसको... पर आज दिनों-दिनों तक न उसका कोई सुराग़ है   वक़्त वक़्त की बात है   कभी थे सारे ख़ुशी-ओ-ग़म मुझसे उसके... पर अब न बचा ऐसा कोई एहसास है   वक़्त वक़्त की बात है   सब वक़्त वक़्त की बात है   कभी ज़र्रे-ज़र्रे में थी आवाज़ उसकी... पर आज लगता जैसे हर ज़र्रा ही बेआवाज़ है   वक़्त वक़्त की बात है   कभी सारे ही राज़ यहाँ खोल देती थी वो... पर आज खुद ही हुई जैसे कोई राज़ है   वक़्त वक़्त की बात है   सब वक़्त वक़्त की बात है । "              -:  मनु शर्मा   manu96sharma

आज फिर रात भर सोया नहीं मैं

Image
that sleepless night like uncountable ones... आज फिर रात भर सोया नहीं मैं  आज फिर रात भर उसको याद किया  तकिये तले थी तस्वीर जो  निकाला, देखा फिर जाम लिया  खँगाला नंबर फोन में उसका  और होगा बिज़ी ये मान लिया  ढूँढी दियासलाई मैंने... अधजली उस सिगरेट को ख़ाक किया  था जो गुबार गम का दिल में... सुर्ख अश्कों में होठों से बहाल किया  देखा जो उगता सूरज हमने  हो चला बखत सोने का ये जान लिया  आज फिर रात भर सोया नहीं मैं  आज फिर रात भर उसको याद किया  -: मनु शर्मा  insta :  manu96sharma

kab milogi mujhse...

Image
being in a long distance relationship...😕 kab milogi mujhse....kuch bologi taras gayi ab ankhen....muh khologi kab hoga didar-e-dil...raz se parda khologi thak gya hun dekh ke dp tumhari...kab sath m camera khologi kab subh ki chai m tum...cheeni ghologi kab pahli sehar nahake...kamre ki khidki khologi kab milogi mujhse....kuch bologi taras gayi ab ankhen....muh khologi kab husn se apne parda khologi kab der raat tak...tadpogi...tadpaogi kab subh sabere...angan ko mehkaogi  kab tum sanjh ko , aale...dipak sarkaogi kab raat m acha kuch pakaogi kab thak ke...rakh chati sar...tum sojaogi kab solah kar shringar...hath ye mera thamogi kab pakad ke baiyan...sath dafa agni ko bhi gherogi kab milogi mujhse....kuch bologi taras gayi ab ankhen....muh khologi -: Manu Sharma    insta :   manu96sharma

जिसे हम भूल जाते हैं...

Image
now a days, people have gone a little far away from each other even in their respective families...well this lockdown has a positive effect that people got the time to rejuvenate their family values, caring and love...please maintain the core family values because at the end family is family...💙 ज्यों ही उठते हैं इस संसार में माया के इस मकड़जाल में दौलत की आँधी...शोहरत के तूफ़ान में तब हम अक्सर भूल जाते हैं हाँ अक्सर भूल जाते हैं बचपन से था पाला जिसने सर पे था सवारा जिसने जिसकी पसीने की खुशबू हम कहलाते हैं ऐसे बाप को भी हम भूल जाते हैं गोद में सुलाया जिसने वक़्त पे खिलाया जिसने जिसकी इक नज़र से ब्रह्मा भी घबराते हैं माँ कहते हैं उसको...पर उसे भी हम भूल जाते हैं खुद से ज्यादा प्यार किया जितना हुआ बस लाड किया जिसके हाथों से अपनी कलाई की शोभा बढ़ाते हैं उस बहन को भी अक्सर भूल जाते हैं जिसे हम भूल जाते हैं एक दोस्त बनकर साथ रहा पड़े जरुरत तो बाप रहा जिसकी दम पर चार लोगों से बचपन में उलझ आते हैं उस भाई को भी हम भूल जाते हैं की अक्सर भूल जाते हैं दौलत शोहरत ताकत बल...ये सब भी हमको निर्बल बनाते ह...

#लघुकथा : श्याम #भाग-१ : मीठी चाय

Image
                                                                 लघुकथा : श्याम                                                                 भाग-१ : मीठी चाय नया शहर , नई नौकरी और नए लोग... इन सब के बीच भी अकेला सा महसूस कर रहा था श्याम। दिल्ली के एक सरकारी विभाग में हाल ही में छोटे बाबू के पद पर आया है श्याम। एक शाम दफ्तर मेँ अपनी कुर्सी पर बैठे हुए वह कुछ सोच ही रहा था की बगल वाली टेबल पर फाइल पटकते हुए उनके सहकर्मी पांडेय जी ने मुँह से तम्बाकू की पीक दीवार के कोने में देते हुए कहा , " अरे ! छोटे बाबू , क्या जबर मौसम  हो रक्खा है... एक-एक कप चाय और दो-दो समोसे हो जाएं। " "नहीं पांडेय जी, दरसल आज काम ज्यादा ही हो गया... फाइलें निपटाने में माथा फट सा गया ...

मगर इसका कसूरवार मैं तो नहीं...

Image
                                           when she doesn't confess her love for you... " माना दिक्क़तें बहोत हैं ज़िन्दगी में तेरी...   मगर इसका कसूरवार मैं तो नहीं   होता नहीं विश्वास जल्द हर किसी पे तुझे...   पर न हो मुझ पर भी ये ज़रूरी तो नहीं   आते हैं लम्हें हँसी के ज़िन्दगी में...   फिर भी न हँसना कुछ सही सा नहीं    शायद चाहती है किसी को खुद से भी ज्यादा...   हर बार तेरा ये छुपाना , जरुरत है.... कहीं ज़बरदस्ती तो नहीं ?   उलझन , तड़पन , सिकुड़न , गलन... जाने क्या क्या है...   मगर प्यार की इक ख़ूबसूरत लगन... शायद कुछ गलत तो नहीं   माना दिक्क़तें बहोत हैं ज़िन्दगी में तेरी...   मगर इसका कसूरवार मैं तो नहीं। "                 -: मनु शर्मा manu96sharma

वक़्त नहीं मिलता...

Image
              when she rarely gets time for you... " मोहब्बत तो बहोत है तुमको... पर वक़्त नहीं मिलता   रहना तो चाहती हो साथ... पर ये साला वक़्त नहीं मिलता                          कभी घर... कभी दोस्त... कभी कुछ और ही होता है  और फिर ये कमबख़्त वक़्त नहीं मिलता   सुबह से शाम... शाम से रात... और रात से फिर सुबह... कितना  थक जाती हो न तुम... इसलिए ये वक़्त नहीं मिलता   सुबह उठकर... सारे काम निपटाकर... दोस्त यारों को मनाकर... किसी के साथ हँसकर... तो किसी को हँसाकर कट जाता है न पूरा... और फिर कहती हो की ये वक़्त नई मिलता... सच है बहोत ही मसरूफ़ हो काम-ए-ज़िन्दगी में कि शायद मेरे लिए ही तुमको ये वक़्त  नहीं मिलता। "                                                       -: मनु शर्मा manu96sharma