वक़्त-वक़्त की बात है...
when you remind her after breakup... " वक़्त-वक़्त की बात है सब वक़्त-वक़्त की बात है कभी दिन भी था... पर आज सिर्फ रात है वक़्त वक़्त की बात है कभी था साथ उसका... पर आज साथ सिर्फ जज़्बात है वक़्त वक़्त की बात है सब वक़्त वक़्त की बात है कभी होता था दिन शुरु देख कर के उसको... पर आज दिनों-दिनों तक न उसका कोई सुराग़ है वक़्त वक़्त की बात है कभी थे सारे ख़ुशी-ओ-ग़म मुझसे उसके... पर अब न बचा ऐसा कोई एहसास है वक़्त वक़्त की बात है सब वक़्त वक़्त की बात है कभी ज़र्रे-ज़र्रे में थी आवाज़ उसकी... पर आज लगता जैसे हर ज़र्रा ही बेआवाज़ है वक़्त वक़्त की बात है कभी सारे ही राज़ यहाँ खोल देती थी वो... पर आज खुद ही हुई जैसे कोई राज़ है वक़्त वक़्त की बात है सब वक़्त वक़्त की बात है । " -: मनु शर्मा manu96sharma