जिसे हम भूल जाते हैं...

now a days, people have gone a little far away from each other even in their respective families...well this lockdown has a positive effect that people got the time to rejuvenate their family values, caring and love...please maintain the core family values because at the end family is family...💙







ज्यों ही उठते हैं इस संसार में
माया के इस मकड़जाल में
दौलत की आँधी...शोहरत के तूफ़ान में
तब हम अक्सर भूल जाते हैं
हाँ अक्सर भूल जाते हैं

बचपन से था पाला जिसने
सर पे था सवारा जिसने
जिसकी पसीने की खुशबू हम कहलाते हैं
ऐसे बाप को भी हम भूल जाते हैं

गोद में सुलाया जिसने
वक़्त पे खिलाया जिसने
जिसकी इक नज़र से ब्रह्मा भी घबराते हैं
माँ कहते हैं उसको...पर उसे भी हम भूल जाते हैं

खुद से ज्यादा प्यार किया
जितना हुआ बस लाड किया
जिसके हाथों से अपनी कलाई की शोभा बढ़ाते हैं
उस बहन को भी अक्सर भूल जाते हैं
जिसे हम भूल जाते हैं

एक दोस्त बनकर साथ रहा
पड़े जरुरत तो बाप रहा
जिसकी दम पर चार लोगों से बचपन में उलझ आते हैं
उस भाई को भी हम भूल जाते हैं
की अक्सर भूल जाते हैं

दौलत शोहरत ताकत बल...ये सब भी हमको निर्बल बनाते हैं गर हम खुदको ही भूल जाते हैं
की अक्सर भूल जाते हैं
जिसे हम भूल जाते हैं !!!


: मनु शर्मा


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