वक़्त नहीं मिलता...
when she rarely gets time for you...
" मोहब्बत तो बहोत है तुमको... पर वक़्त नहीं मिलता
रहना तो चाहती हो साथ... पर ये साला वक़्त नहीं मिलता
कभी घर... कभी दोस्त... कभी कुछ और ही होता है
और फिर ये कमबख़्त वक़्त नहीं मिलता
सुबह से शाम... शाम से रात... और रात से फिर सुबह... कितना थक जाती हो न तुम... इसलिए ये वक़्त नहीं मिलता
सुबह उठकर... सारे काम निपटाकर... दोस्त यारों को मनाकर... किसी के साथ हँसकर... तो किसी को हँसाकर कट जाता है न पूरा... और फिर कहती हो की ये वक़्त नई मिलता... सच है बहोत ही मसरूफ़ हो काम-ए-ज़िन्दगी में कि शायद मेरे लिए ही तुमको ये वक़्त नहीं मिलता। "
-: मनु शर्मा

Sweet and lovely❤️
ReplyDeleteBahut shandaar
ReplyDeletefantastic line
ReplyDeleteLajavab..mitra.. 👌
ReplyDeleteमनु भाई
ReplyDeleteउम्र ए दराज़ जो मांग के लाए थे 4 दिन।
दो आरजू में कट गए दो इंतजार में।।
Sudhir bhai..👏👏
DeleteMaza ni aaya
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